दिन 7।
6th,7th क्लास के पल कुछ ज्यादा याद नहीं है। Result कुछ खास नहीं। क्लास में रैंक 2nd रही ।
इस समयांतराल में शायद मैं सयुंक्त परिवार से एकल परिवार में तब्दील हो गया। इसे आम बोलचाल में बँटवारा कहा जाता हैं। सब कुछ गणित के अंकों में बँट रहा था, जैसे दीवाली पर बच्चों में पटाके बँट रहे हो। जो भाई उस समय अपने -अपने व्यवसाय को संभाल रहा था, उसी के हिस्से वो व्यवसाय आया। किसी का कुछ defend नहीं, सिर्फ आँसू थे। दादा-दादी किसके साथ रहेंगे इसका निर्णय उन्ही के पास सुरक्षित रखा गया। उन्होंने हमारे साथ रहने का निर्णय किया। इस समय 2 चाचा अविवाहित थे, वो भी हमारे साथ रहने लगे। खेत का बँटवारा नहीं हुआ। हर साल बारी-बारी से फसल उगाते थे । इस बँटवारे का कारण क्या रहा, नही पता.....।
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क्लास 8th में आते ही बोर्ड हट गई। नए टीचर आए। पहली बार कुछ पढ़ाई के बारे में पूछने पर पिटे गए थे। टॉपिक ही कुछ ऐसा था जो हर टीचर escape करना चाहते थे...... रिप्रोडक्शन......!
इस साल दिसंबर में ज्यादा सर्दी की वजह से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं cancel हो गई। रिजल्ट अच्छे रहे। ~85% के साथ 1st।
Upper primary तक एक ही स्कूल में पढ़ा।
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अब सैकंडरी के लिए स्कूल बदला गया। अब हर सब्जेक्ट में 2 या 2 से अधिक किताबें थी। गणित को छोड़कर बाकियों में कोई ज्यादा रुचि नही थी। तब क्लास में क्लासमेट्स के साथ 11th में क्या subject choose करना हैं पर बहस होती, दोस्त ताने मारते थे कि केवल गणित के आधार पर साइंस-मैथ लेने से कुछ नही होने वाला। इसी समय सोशल-साइट्स से introduce हो रहे थे।
9th में 2 किस्से ....
1. गणित में second test हो रहे थे ,पास में बैठे दोस्तों को बता रहा था। जब उस टेस्ट की कॉपी दिखाई गई तो दोस्त के नम्बर टीचर की उम्मीद से ज्यादा आ गए, वो होता है न कि टीचर की नजरों में अच्छे बनने के लिए उनके फेवर में कुछ बात कर दो। फिर उसमें मेरा नाम लिया गया कि मैनें उसे बताया था। उसे तो कुछ नही कहा गया लेकिन मेरे नंबर cut करे या अगली बार ऐसा नही होना चाहिए के साथ मुझे warning दी गई।
2.संस्कृत ! वार्षिक परीक्षा में परीक्षा के लास्ट 15 मिनट में नकल करते फिर पकड़े गए।
संस्कृत की पूरी किताब लेके बैठा था। जिस कमरे में सीटिंग अरेंजमेंट था उनको छोड़कर किसी के पास इसकी जानकारी नही थी। तभी बरामदे में बैठे एक क्लासमेट ने जाके प्रिंसिपल को बोल दिया। उस टाइम सुरेश चाचा invigilator थे ,इसलिए थोड़े बच गए।
Result अच्छा रहा ~73; क्लास रैंक 3।
इन दो घटनाओं से सबक लेके नकल न करने के "उसुल" बना लिए।
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